ईस्ट इंडिया कंपनी बंद नहीं हुई, नाम बदला और पहले से अधिक गुप्त डीप-स्टेट बन गई।

पीडीएफ

उस समय से लेकर आज तक हर साल भारत से करोड़ों-अरबों रुपया चोरी से डीप-स्टेट जाता रहा है।

आज भी इस लूट को बनाए रखने के लिए ही इस चक्रव्यूह की रचना हुई है।

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डीप-स्टेट का चक्रव्यूह

जिन लोगों ने पहली बार चक्रव्यूह का नाम सुना है (वीडियो)


सात द्वार

1. इंटरनेट सोशल मीडिया, टीवी और समाचार पत्र

पहले द्वार पर जयद्रथ ने बहुत से वीरों को रोक लिया था। उसी तरह आज की मीडिया बहुमत को जागरुक होने से रोक लेती है।

आम लोगों को यह तक नहीं पता रहता कि वह टैक्स देते हैं और कितना इकट्ठा होता है।

विस्तार से समझें,    समाधान - साइबर सुरक्षा़

2. शिक्षा

पाठशाला और गुरुकुल की पढ़ाई को ब्रिटिश राज के समय से ही सरकारी मान्यता नहीं है। इनकी संख्या बहुत कम रह गई है। शिक्षा में गुरुकुल और पाठशाला की जगह स्कूलों ने ले ली है। इनमें धर्म की शिक्षा नहीं दी जाती।

कसौटी - आम लोग अपने बच्चों को मैकाले सकूल (सरकारी बोर्ड से जुड़े) भेजते हैं। इसमें बच्चे संस्कार से वंचित रह जाते हैं। पैसा तो कमा लेते हैं पर जीवन में कोई लक्ष्य नहीं रह जाता और भटकते रह जाते हैं।


- धर्म-पूर्वक विवाह में गर्भवती होने पर परिवार और माताएं गर्भ की भ्रूण-हत्या जैसा पाप करने पर सहमत हो जाती हैं। वार्षिक संख्या लाखों में है।

   समाधान

3. धन – मंहगाई

मुद्रा के रूप में सोने, चांदी और तांबें के सिक्के बंद कर के केवल कागजी नोट चलते हैं। इसलिए मंहगाई कभी पीछा नहीं छोड़ती। मंहगाई के पीछे का अंतर्राष्ट्रीय खेल। ( वीडियो)

   समाधान

4. निवेश - शेयर बाजार, बीमा, बैंक, विदेशी फर्जी कंपनी और फर्जी बैंक

Paper Oil (video).

5. राजनीतिक पार्टी - पक्ष, विपक्ष

2014 में भाजपा और कांग्रेस दोनों मुख्य पार्टियां विदेशी चंदा लेने की दोषी पाई गई। यह दिल्ली उच्च न्यायालय का निर्णय था।

1983 - काशी विश्वनाथ एक्ट बनाकर मंदिर का चंदा, उस समय उप्र राज्य सरकार में बैठी कांग्रेस - हड़पना प्रारंभ कर चुकी थी। (पीडीएफ)
1984 - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उन्हीं की शाखा विश्व हिंदू परिषद ने भी रथयात्रा के नाम पर चंदा इकट्ठा करना और चोरी प्रारंभ कर दी। ( वीडियो)

   समाधान

6. ब्रिटिश संविधान (1935) और सरकार की नीतियां

- भारत को आज भी इंडिया बुलाते हैं और ब्रिटिशों का बनाया 1935 का संविधान ही चल रहा है। विस्तार से समझिए (भारत बनाम इंडिया)

- शीशे की तरह चमकने वाला गंगाजी का पानी मैला होता गया। आज बनारस में घाट पर केवल एक सीढ़ी दिखती है। पानी तीन बड़े बांधों में रोका जाता है - मुनेरी, टिहरी और कोटेश्वर। गंगा का पानी अब नदी में केवल बाढ़ के समय छोड़ा जाता है।

7. डीप-स्टेट (BIS, IMF, World Bank)

- ईस्ट इंडिया कंपनी कभी बंद नहीं हुई। उसने रूप बदला और फैल गई।

- अमरीका, कनाडा, ब्रिटेन, स्विटजरलैंड, इजरायल और जापान के बीच में असीमित धन की आवा-जाही (unlimited credit swap lines) एक गहरे मक्कड़-जाल का संकेत करती हैं। (वीडियो)


- भारत में ब्रिटेन-अमरीका (डीप स्टेट) का इतना अधिक हस्तक्षेप है कि हिंदी संविधान में भारत और अंग्रेजी अनुवाद में Bhaarat की जगह India लिखा गया है। गांव पंचायत तक की नीतियां विदेश से बनकर आती हैं ( नया गृह कर )। विदेश से प्रधानमंत्री का निर्धारण होता है (ACYPL Modi)।


- असली धन तो सोना-चांदी ही है। कागजी सोना और चांदी से असली सोने-चांदी का मूूल्य गिराया हुआ है। Paper gold and Paper silver (ETF) (video).


- विश्व भर में फैले हुए 800 अमरीकी नौ-सेना के अड्डे। आकाश में 7000 सैटेलाइटों का जाल।


- इंटरनेट से हर व्यक्ति पर जासूसी की जा रही है। हर मोबाइल, हर कंप्यूटर और स्मार्ट टीवी से निजी जानकारी चुराई जाती हैं।


- पर्यावरण विनाश की ओर बढ़ चुका है।


आम नागरिक अभिमन्यु की तरह इस चक्रव्यूह में फंस कर रह जाता है। अभिमन्यु और अर्जुन में एक बहुत बड़ा अंतर था - सारथि का ।

सारथि को साथ रखिए



युद्ध और राजनीति सदा चलते रहते हैं। राजा सुरथ से लेकर आज तक।
साथ में कलियुग है, अधर्म भी फैला हुआ है।

1600 ई. में तुलसीदास की लिखी रामचरितमानस के उत्तरकांड (९६ ख) में कलियुग के लक्षण और समाधान।

1980 के बाद से कलियुग अपने अंतिम पड़ाव 'अति' में प्रवेश कर चुका है। अधर्म के लक्षणों की सूची बड़ी लंबी है। कलियुग हमें भी प्रभावित करता है।


इनसे बचने के लिए समाधान - प्रतिदिन दस मिनट भगवान का कोई नाम लीजिए (राम गोविंद हरि/हरे)। मोबाइल पर दस मिनट का टाइमर लगा लें।