केवल सोना-चांदी ही असली धन है

सोना और अन्य मुद्राएं

१. कागजी मुद्रा

1875 में ब्रिटिश ने कागज के नोट शुरु किए।
1980 में ८० रूपए तोला सोना था। (एक तोला = 11.66 ग्राम)
1990 तक कागज के पीछे सोने की गारंटी थी। एक रुपए में 0.118489 ग्राम शुद्ध सोना था।
वीडियो, पुस्तक
2025 में एक लाख रुपए में 10 ग्राम सोना है।

२. बैंक

१. सुरक्षा की दृष्टि और लेन-देन की सरलता के लिए बने थे।
२. ऋण को महापाप माना गया है। धीरे-धीरे ब्याज पर पैसा देने लगे और प्रचार करने लगे। २००० के बाद से भारत की अर्थव्यवस्था ऋण आधारित हो गई है।
३. बैंक की ब्याज दर को मंहगाई दर से अधिक दिखाकर बैंक में पैसा रखने को आकर्षक बताते है। असली मंहगाई दर जब १०-१२ प्रतिशत होती है तो रिजर्व बैंक उसे ४-६ प्रतिशत बताते हैं।

२ख BIS

बदनाम स्विटजरलैंड में हर महीने बैठक होती है।
Asset list, Credit rating game, FDI

३. टैक्स

सोने चांदी की खरीद पर ३ प्रतिशत कर लगता है। यह अनुचित है और हटाया जाना चाहिए।

समाधान

बैंक में पैसा रखने के बजाय सोना-चांदी खरीदकर रखें। इसपर मंहगाई का असर नहीं पड़ता।

सोने का मूल्य जानने के स्रोत

  1. भारतीय सुनार और स्वर्णकार संगठन - थोक भाव IBJA.co
  2. MoneyControl कागज के सोना-चांदी का सट्टा भाव
  3. चीन में शंघाई गोल्ड एक्सचेंज़

सोने-चांदी लेते समय ध्यान दें

Cast vs Mint - cast महंगा होता है।

घर पर चांदी कैसे परखें

- चुंबक
- पानी में भार
- वीडियो
- बड़ी दुकानों पर एक्स-रे से भी परीक्षण होता है। इसका पैसा नहीं लगता।

अर्थ

केवल सोना और चांदी ही सच्चा धन हैं। लेकिन गत सौ वर्षों से कागज पर लिखे वचनों को धन बताया जा रहा है। ब्रिटिश समय से लेकर आज के डीप स्टेट नियंत्रण में, हर वर्ष भारत का अरबों रुपया धन चोरी से देश के बाहर ले जाया जाता है।

कैसे?

उदाहरण - सरकारी 5% जबकि असल में मंहगाई 15% से ऊपर होती है। (John Williams pre-1980 CPI vs current CPI)
2. BIS, RBI (dollar, US treasury bonds), FDI, shell company, foreign bank, credit rating ...

समाधान

बैंक में पैसा रखने के बजाय सोना-चांदी खरीदकर रखें। + इन धातुओं पर मंहगाई का असर नहीं पड़ता।
+ यह शेयर बाजार से भी अच्छा लाभ देते हैं।

क्या सोना सस्ता है?

रिजर्व बैंक के पास नोट, सिक्के और ई-रुपया तीनों मिलाकरसोनाकितने लाख का दस ग्राम।
अगस्त 42.8 लांख करोड़।
(पीडीएफ)
700 टन।
(पीडीएफ)
6.1
जुलाई 42.8 लांख करोड़।
(पीडीएफ)
700 टन।
(पीडीएफ)
6.1