तलवारों के सामने कुछ हिंदू, जान के डर से मुसलमान बने थे। लेकिन इसको आज के मुसलमान पूर्वजों की गलती सुधार कहते हैं।
मौलवी उन्हें इस्लाम की सर्व श्रेष्ठता का भ्रम बचपन से भरते हैं। इस भ्रम को ही तोड़ना पड़ता है।
इनके झूठे दावे
| Youtube | 2023-June | 2026-Oct |
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38.1 L | -- |
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5.7 L | 6.56 L |
| Youtube | 2023-June | 2026-Oct | Notes |
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1.26 L | 1.45 L (--) | Women channel focussing on social issues - marriage stability, beating in family etc |
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4.5 K | 13.9 K (--) | |
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90.7 K | 792 | |
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3.6 L | 2.7 L | Quranic morality |
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2.4 L | 4.95 L | Quranic morality, News |
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1.23 L | 2.61 L | Quranic morality, debate |
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45.1 K | 1.88 L | Video animation movies |
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1.03 L | 1.14 L |
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57.6 K | 83.5 K | |
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36.6 K | 31.7 K | |
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45.2 K | 57.3 K | |
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33.7 K | 73.2 K | |
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11.5 K | 21.9 K |
अभी तक इसका कोई बहुत प्रचलित समाधान नहीं है। लेकिन एक संभावना है
कर से करू दान मान, मुख से जपो राम नाम
वाही दिन आवैका जाही दिन जाना है - संत कबीरदास
अन्य लोगों से नफरत छोड़कर सम्मान करना, दान करना, राम-नाम का जाप करना और जीवन की क्षण-भंगुरता का विचार करना।
चूंकि धर्म से अलग होकर कई पीढ़ियां बीत गईं, तो वर्ण-व्यवस्था में वापस आना संभव नहीं है, इसलिए अपने जैसे "घर वापसी" किए हुए लोगों में ही विवाह करिए।